छोड़ भी दो

शक़्ल अभी गुम तो न हुई
अक़्ल अभी गुल तो न हुई

हो गया हो तो अब गायब हो
बिन मर्ज़ी इजाज़त हो न हो

ठन्डे बस्ते में अब डाल ही दो
दिल ए दर्द को अब टाल ही दो

किसी मेहफ़ूज़ घोसले में घुस जाओ
किसी जज़ीरे की आढ़ में छिप जाओ

अबके आये तो रहे फिर खाली हाथ
रहे चुपचाप खड़े बांधे हाथों में हाथ