मोडर्न मौलाना

ये   कौनसा   इस्लाम,  किसका  है  ये  फ़रमान
ख़रीदे   मौलाना  सरकार  से  ज़मीन  कम दाम

है   दीन   और   दुनिया    दोनों   से  इतमिनान
हुए    मौलाना    कभी    क़ाज़ी   कभी  ज़मींदार

मज़हब सिखाये बस एक ख़ुदा ख़ौफ़ -ए- मिसाल
चाहे  मौलाना पुलिस,  कौन चोर कौन  कोतवाल

पिंजिरे    में    क़ैद   क़ौम    को    किये   बेज़ार
ख़ुत्बे    में   मौलाना  दिखाये   हूरों   के   ख़्वाब

घर में पकाना खिलाना आज भी औरतों का काम
पुख़्ता  मौलाना,  पैर  भी  दब्वाये  फ़र्ज़  के नाम

दोज़ख़  में  चक्की  अगर जेल  सी  पीसे  अज़ाब
अल्लाह तौबा, मौलाना पिसवाएगा बच कर भाग