उर्दू न सीखी

लानत है हम पे  टाइम  पे उर्दू न सीखी
वाल्दा के mcd की टीचर होते न सीखी

क़हर टूटे हम पे  टाइम  पे उर्दू न सीखी
अब्बु के तल्लफ़ुज़ पे टोकने से न सीखी

शेर कहने की नज़ाकत न शराफत सीखी
ग़ज़ल की तनक़ीद और तारीख़ न सीखी

तालीम ए राह पे बेख़ौफ़ बेख़ुदा चल दिए
जुबां अधूरी ही  रही सिखाई भी न सीखी

सब बराबर है  दुनिया गोल है  चकोर भी
होसेब क्या हिस और तमीज़ भी न सीखी